जब से विश्व बना है तब से लेक़र अज तक अनेक प्रकार की बीमारिया बुरे विश्व में देखने को मिलती है इनमे से अनेक बिमारियों जेसे की हेज़ा काली खांसी पोलीयो खसरा आती बीमारियों पर चिकित्सा विज्ञान ने नियंत्रण कर लिया है किन्तु आज भी ऐसी अनेक बीमारिया है जिन पर चिकित्सा विज्ञानं नियन्त्रण नहीं कर सका , विज्ञान की मदत से अनेक उपकरण बनाए गए है जिनकी मदत से शारीरिक रूप से कमज़ोर लोग अपना देनिक काम आसानी से कर सकते है, इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है
1.जिनको सुनने में मुश्किल होती है उनके लिए के एकं मशीन बनाई गई है इस मशीन की मदत से वो अपना देनिक आसानी से कर सकता है,
2 अनेक लोग कई बीमारियों के कारण चल नहीं सकते है ऐसे लोगो के लिए व्हीलचेयर का निर्माण किया गया है इस कुर्सी की मदत से बीमारों को अपना देनिक काम करने में कम मुश्किलो का सामना करना बरता है, आजकल इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर भी आ गयी है जिसमे ताकत बहूत कम लगती है चलाने में ,
3, विश्व में ऐसे शिक्षित लोगो की कमी नहीं है जो शारीरिक कमजोरी के कारण अपने घर के बाहर जाकर कोई काम कर सके ऐसे लोगो के लिए कम्पुटर बहूत काम का उपकरण है इसकी मदत से अनेक लोग अपने घर से काम करके पैसा कमाते है
4 बड़ी संख्या में ऐसे लोग है जिनको दिखाई नहीं देता ऐसे लोगो के लिए ब्रेल नामक उपकरण है जिसकी मदत से वो शिक्षा लेते है और अनेक प्रकार के काम करते है,
5 अगर दुर्घटना के कारण किसी का हात या बेर कट जाता है तो उसको नकली हात बेर लगा दिय जाते है जिसकी मदत से वे अपना देनिक काम आसानी से कर सकता है,
ये कुछ उदाहरण है जो बताते है की विज्ञान शारीरिक रूप से कमजोर लोगो के लिए वरदान है, ऐसे अनेक उदाहरण है हम सबको मालुम है की मस्तिष्क हमारे शारीर का एक ऐसा अंग है जो सारे शरीर को नियंत्रित करती है बहूत ऐसी बीमारिया है जो मस्तिष्क में किसी रूकावट आने के कारण होता है सेरिब्रल पालिसी भी एक ऐसी बिमारी है जिस के कारण आदमी का अपने शरीर पर नियन्त्रण नहीं रहता और आज तक इस बीमारी का कोई इजाज़ नहीं निकला कुछ दिन पहले मीडिया में समाचार आया था की विज्ञानिक नकली मस्तिष्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं अगर इसमें उनको कामयाबी मिलती है तो बहूत सी बीमारियों का अंत हो सकता है,
इस प्रकार से हम बोल सकते है की विज्ञान ने शारीरिक रूप से कमजोर लोगो की बहूत मदत की है और आशा करते है की आगे भी मदत करे,